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शरीर और मन को तरोताजा बनाये रखने में हंसी का सबसे बड़ा योगदान है। खुलकर हँसते रहने से मन, मसितष्क और शरीर में ताजगी भर जाती है और इंसान काम करने के लिए फिट रहता है। हँसने से शरीर में रक्त संचरण सामान्य हो जाता है। चेहरे पर उम्र का असर कम करने में भी हंसी अचूक दवा है। विशेषज्ञों की मानें तो हंसने से âदयाघात का खतरा भी कम हो जाता है।
………. हास्य हमारे संस्कार एवं जीवन शैली से जुड़ा है। दूसरों के प्रति सकारात्मक सोच और जीवन में उमंग व उत्साह का भाव होने से स्वत: हास-परिहास का माहौल बन जाता है। यह आदमी का स्वभाव, संस्कार और जीवन के प्रति नजरिया ही होता है जो उसे हास्य से जोड़ता है।
समय के साथ जीवन में तनाव का स्तर बढ़ता जा रहा है। लोगों को अब हँसने के बहाने ढूँढने पड़ते हैं। हास्य का जीवन में महत्वपूर्ण योगदान है। तनावपूर्ण हालात में दैनिक जीवन से हंसी गायब होती जा रही है। ऐसे में मनोरंजन बहुत जरूरी है लेकिन आजकल हास्य कविताओं और हास्य कार्यक्रमों के नाम पर फूहड़ता ज्यादा परोसी जा रही है। इसकी बजाय मनोरंजन में शालीनता होनी चाहिए।
हंसना स्वास्थ्य के लिए उतना ही जरूरी है जितना जीने के लिए भोजन और शुद्ध हवा। खुल कर हँसने से रक्त का संचार सुचारू रहता है और शरीर में चुस्ती आती है। हंसी से मानसिक शांति मिलती है इसलिए तनाव के मौजूदा दौर में हास्य की पौध को हमेशा हरा-भरा रखना होगा।

Sunita Sharma

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