
YOU CAN SUCCEED-2
Chapter- 1 : Dharma & Karma Chapter- 2 : Truth & Happiness Chapter- 3 : Magic of Prayer & Smile Chapter- 4 : Love & Blessings Chapter- 5 : Power of …
Chapter- 1 : Dharma & Karma Chapter- 2 : Truth & Happiness Chapter- 3 : Magic of Prayer & Smile Chapter- 4 : Love & Blessings Chapter- 5 : Power of …
इस पुस्तक को तैयार करने के लिये मैने नोर्मल विन्सेट पील के साहित्य की मदद ली है तथा मेरे स्वयं के अनुभव व जानकारी के आधार पर इसे तैयार किया गया …
पूजा के अधिकांश मंदिर केवल दो चरित्रों के ही बने हैं – श्रीराम के और हनुमान जी के। चूँकि सीताजी श्रीराम की पत्नी थी, इसलिए उनके साथ मंदिर में सीताजी भी …

Chapter- 1 : Dharma & Karma Chapter- 2 : Truth & Happiness Chapter- 3 : Magic of Prayer & Smile Chapter- 4 : Love & Blessings Chapter- 5 : Power of …
Chapter- 1 :
Dharma & Karma
Chapter- 2 :
Truth & Happiness
Chapter- 3 :
Magic of Prayer & Smile
Chapter- 4 :
Love & Blessings
Chapter- 5 :
Power of Nature
Chapter- 6 :
Value Yours Self & Optimism
Chapter- 7 :
Desire, Choices & Challenges
Chapter- 8 :
Goal Setting & Time Management
Chapter- 9 :
Key to Success

इस पुस्तक को तैयार करने के लिये मैने नोर्मल विन्सेट पील के साहित्य की मदद ली है तथा मेरे स्वयं के अनुभव व जानकारी के आधार पर इसे तैयार किया गया …
इस पुस्तक को तैयार करने के लिये मैने नोर्मल विन्सेट पील के साहित्य की मदद ली है तथा मेरे स्वयं के अनुभव व जानकारी के आधार पर इसे तैयार किया गया है। मुझे निष्चित व पूर्ण विष्वास है कि यह अध्ययन सामग्री किसी के भी जिन्दगी में आमोलचुल परिवर्तन ला सकती है।
अगर इस पुस्तक से आपको मदद मिलती है तो मुझे यह जानकर बेहद खुषी होगी। मुझे इस पुस्तक के सिद्धांतों और फाॅर्मूलों में पूरा विष्वास है। आध्यात्मिक अनुभव की प्रयोगषाला में और रोज़मर्रा के जीवन में इनका परीक्षण किया गया है। जब आप इन पर काम करते है, तो ये आपके लिये काम करते है। हम शायद कभी आमने-सामने मिल न पायें, परंतु इस पुस्तक में तो हम मिल ही लिये है।
सिर्फ़ पढ़ने से काम नहीं चलेगा। अब कृपया पीछे जाइये और लगन से इस पुस्तक में दी गयी हर तकनीक का अभ्यास कीजिये। इस पर लगे रहिये जब तक कि आपको अपेक्षित परिणाम हासिल न हो जायें।
डाॅ.संजय बियानी
निदेशक अकादमिक
बियानी ग्रुप आॅफ काॅलेजे़ज

पूजा के अधिकांश मंदिर केवल दो चरित्रों के ही बने हैं – श्रीराम के और हनुमान जी के। चूँकि सीताजी श्रीराम की पत्नी थी, इसलिए उनके साथ मंदिर में सीताजी भी …
पूजा के अधिकांश मंदिर केवल दो चरित्रों के ही बने हैं – श्रीराम के और हनुमान जी के। चूँकि सीताजी श्रीराम की पत्नी थी, इसलिए उनके साथ मंदिर में सीताजी भी हैं। अन्यथा दुर्गा और काली माँ जैसे स्वतंत्र मंदिर सीताजी के नहीं हैं। लक्ष्मणजी को भी कहीं-कहीं मंदिरों में स्थान मिला, क्योंकि वे श्रीराम के साथ वन गए थे। हमें यहां यह सोचना चाहिए कि क्या कारण है कि ”रामचरितमानस में इतने सारे लोगों के होते हुए भी केवल हनुमानजी के ही मंदिर बने और उन्हें स्वतंत्र रूप से इतने बड़े भगवान का दजऱ्ा दिया गया। आइए श्री हनुमान चरित्र के उन पहलुओं का विचार करें जो आज भी हमें सफलता की पे्ररणा और संदेष देते हैं।
हनुमानजी में कहीं भी अपनी वास्तविकता को छिपाने का प्रयास नहीं मिलता। उन्हें जहाँ भी मौक़ा मिलता है या वे जहाँ भी ज़रूरी समझते हैं, अपने इस वानरपन की खुलेआम घोषणा करते हैं।
खायऊँ फल प्रभु लागी भूखा। कपि सुझाव ते तोरेऊँ रूखा।।
हे महाराज, मुझे भूख लगी थी, इसलिए मैंने फल खाए। चूँकि मैं वानर हूँ और वानर का स्वभाव ही पेड़ों को तोड़ना होता है, इसीलिए मैंने आपका बाग उजाड़ा। इसके बावजूद वहां वे खुद को विनम्रता के साथ महज़ एक छोटे-से वानर के रूप में घोषित कर रहे हैं।
यहीं हमें यह बात देखनी है कि जब व्यä विस्तविकता को स्वीकार करके उससे मुä पिने के लिए कुछ कर ने लगता है, तो उसके अंदर शä किी ज्वालाएँ फूटने लगती हैं। यही स्वीकारोä अित्मविश्वास का आधार बन जाती है, आत्मशä कि कारण बन जाती है। यह पलायन कराने वाली कमज़ोरी नहीं रह जाती।

Chapter 1: Magic of Prayer & Smile Chapter 2: Truth & Happiness Chapter 3: Goal Setting & Planning Chapter 4: Desire, Choices & Challenges Chapter 5: Positive Attitude Chapter 6: The …
Chapter 1:
Magic of Prayer & Smile
Chapter 2:
Truth & Happiness
Chapter 3:
Goal Setting & Planning
Chapter 4:
Desire, Choices & Challenges
Chapter 5:
Positive Attitude
Chapter 6:
The Key to Success
AUTHOR : PROF. SANJAY BIYANI
